उत्तराखंड के हल्द्वानी में 10 वर्षीय मासूम अमित की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी निखिल जोशी ने पहले बच्चे का गला रेतकर उसकी हत्या की, फिर सिर को पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। इसके बाद उसने सिर और दाहिना हाथ अपने पिता के गोशाले के पास ज़मीन में गाड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक, अमित 4 अगस्त को लापता हुआ था। अगले दिन उसकी लाश गौलापार क्षेत्र में एक गड्ढे में दबाई हुई मिली, लेकिन सिर और हाथ गायब थे। इस वजह से मामला और रहस्यमयी हो गया था।
शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठ बोला कि यह किसी तांत्रिक अनुष्ठान के तहत किया गया है। हालांकि, लंबी पूछताछ और मानसिक परीक्षण के बाद सच सामने आया कि वह बच्चे के साथ दुष्कर्म की नीयत से घर लाया था। जब अमित ने विरोध किया, तो उसने गला दबाकर और धारदार हथियार से हमला कर उसकी जान ले ली।
इस सनसनीखेज मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम की मदद ली। आखिरकार आरोपी की निशानदेही पर 6 दिन बाद सिर और हाथ बरामद किए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी.एन. मीणा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तेज़ की जाएगी।
अमित अपने परिवार में चार बच्चों में सबसे छोटा था। उसकी दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, और लोगों में आरोपी के खिलाफ कड़ी सज़ा की मांग तेज़ हो गई है।







