उत्तराखंड, देहरादून में विभिन्न संतो को संबोधित चार सिद्ध है- लक्ष्मण सिद्ध, मांडू सिद्ध, कालू सिद्ध और मानक सिद्ध। इनमे से लक्ष्मण सिद्ध देहरादून वन विभाग के छेत्र के अंतर्गत आता है, जिस वजह से इसका सौंदर्यकरण नहीं हो पा रहा है। बात ये है कि देहरादून वन विभाग मंदिर के सौंदर्यीकरण की अनुमति नहीं दे रहा। जिसके चलते मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। मंदिर में पहुँचने का रास्ता भी कुछ ठीक नहीं है जिसके चलते श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए आने में काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

घंटाघर से लक्ष्मण सिद्ध मंदिर की दूरी लगभग 12 किलोमीटर की है। यहाँ पर लोग अपनी मनोकामना पूर्ण करने आते हैं। परंतु यहाँ की सड़के पूरी तरह से जर्जर हालत में हैं। एक समय पर एक ही चौपहिया वाहन इस सड़क से गुज़र सकता है जिसकी वजह से लोगों को कठिनाई होती है। मंदिर के आसपास के लोगों व दुकानों से इस विषय में चर्चा की गई। उन्होंने बताया की यात्रियों को यहाँ आने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया की श्रद्धालुओं के लिए टीन शेड भी टूटा हुआ है जिससे बारिश में काफ़ी परेशानी होती है। मंदिर की भी दुर्दशा हुई है।

आपको बता दें की मंदिर की हालत भी जर्जर है। लोगों ने सभी मंदिर से जुड़ी समस्याओं को साझा किया। उन्होंने बताया की इस समस्या से जुड़ी सारी जानकारियाँ व शिकायतें डीएम को भेजी जा चुकी है परंतु अभी तक किसी ने भी कोई कार्यवाही नहीं उठायी।







