Dehradun: उत्तराखंड में कांवड़ आने वाली 11 जुलाई से शुरू होने जा रहे हैं। देशभर से कुल मिलाकर इस यात्रा को सफल बनाने के लिए 4 करोड़ लोग शामिल होते हैं। इसी को देख उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कवड़ियों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों को अनेक दिशा निर्देश दिऐ हैं। इन निर्देशों के चलते कवड़ियों से नियमों का पालन करने की मांग जारी है। बीजेपी सरकार द्वारा कांवड़ मार्गों पर वेरिफिकेशन ड्राइव भी चालू की जा रही है। इसी संदर्भ में पिछले कुछ दिनों से धामी जी की हरिद्वार में अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा की जा रही है।
आपको बता दें कि उत्तराखंड में कावड यात्रा भगवान शिव के भक्तों की एक वार्षिक तीर्थ यात्रा है। कांवड़ यात्रा को उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख, और गंगोत्री के हिंदू तीर्थ जाने माने स्थानों में पवित्र गंगा नदी के जल को लाने के लिए कवादिया के रूप में की जाती है। यह त्यौहार जुलाई-अगस्त यानि मानसून श्रावन के दौरान मनाया जाता है।

धामी जी ने कहा कि यह यात्रा सभी हिंदुओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस यात्रा का पूरा करने के लिए देशभर से करोड़ों की संख्या में लोग आते हैं। इसलिए सभी की सुरक्षा ज़रूरी है। डीजे के साउंड से लेकर स्वछता के ध्यान रखने की बात सीएम धामी ने सभी अधिकारियों के सामने रखी। इन सभी के साथ, कवड़ियों के खान पान का भी ध्यान रखने की बात बैठक में की गयी। सभी को शुद्ध खाना और पानी प्रदान करने की बात की गई।

जानकारी के अनुसार उत्तराखंड की फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की मोबाइल लैबोरेट्री वेन दुकानों से फूड सैंपल लेने के साथ साथ फूड की जाँच भी जारी है। इस सैंपल में दूध, दही, पनीर, और कई तरह की मिठाई के सैंपल भी लिए गए हैं। यह फूड सैंपल देहरादून हरिद्वार हाईवे की दुकानों से लिए जा रहे हैं।







