Uttarkashi: जनपद के खरसाली गांव में स्थित श्रद्धा का प्रमुख केंद्र सोमेश्वर महाराज मंदिर अब शीतकालीन अवधि के लिए बंद कर दिया गया है। परंपरागत रीति-रिवाजों और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट बंद किए गए। इस धार्मिक अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मंदिर परिसर में सुबह से ही पूजा-पाठ का आयोजन शुरू हो गया था। वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष अनुष्ठानों के साथ देवता से शीतकाल में कुशलता की कामना की गई। कपाट बंद होने के समय माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ अंतिम दर्शन किए।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सोमेश्वर महाराज क्षेत्र के आराध्य देव माने जाते हैं और उनसे जुड़े निर्णय सामूहिक परंपराओं के अनुसार लिए जाते हैं। सर्दियों में मौसम के प्रतिकूल होने के कारण मंदिर की नियमित पूजा को विराम दिया जाता है और कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
मंदिर समिति के अनुसार, अब अगले कुछ महीनों तक यहां नियमित दर्शन नहीं होंगे। मौसम अनुकूल होने और पारंपरिक पंचांग के अनुसार शुभ तिथि तय होने के बाद ही मंदिर को दोबारा खोला जाएगा। आमतौर पर यह प्रक्रिया वसंत ऋतु के आगमन के साथ पूरी की जाती है। कपाट बंद होने के साथ ही क्षेत्र में शीतकालीन धार्मिक गतिविधियों का नया चरण शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सोमेश्वर महाराज की कृपा से क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहेगी।






