शिक्षा, पर्यटन और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहचाना जाने वाला उत्तराखंड अब उद्यमशीलता के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। राजधानी देहरादून से शुरू हुई eZizz Private Limited ने एक ऐसा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है, जो खासतौर पर भारतीय स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को उनके शुरुआती चरण में सही मंच और पहचान दिलाने का काम करेगा। इस प्लेटफ़ॉर्म का नाम है eZizz।
इस पहल की शुरुआत युवा उद्यमी शिवम चौहान ने की है। उनका मानना है कि भारत में हर साल हजारों स्टार्टअप्स और इनोवेटिव आइडियाज जन्म लेते हैं, लेकिन उनमें से कई शुरुआती दिनों में उचित पहचान और एक्सपोज़र न मिलने के कारण पीछे छूट जाते हैं। शिवम का कहना है – “हमारा लक्ष्य हर भारतीय स्टार्टअप को एक आवाज़ और मंच देना है। चाहे छोटा विचार हो या बड़ा इनोवेशन, eZizz पर हर फाउंडर अपनी कहानी साझा कर सकता है और सही दर्शकों तक पहुँच सकता है।”
भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की चुनौतियाँ
आज भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप हब्स में शामिल है। बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में नई कंपनियाँ न सिर्फ़ बाजार की ज़रूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि नए बाज़ार भी बना रही हैं। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में ऐसे स्टार्टअप्स भी हैं जो सही नेटवर्क, प्लेटफ़ॉर्म और ऑडियंस की कमी से आगे नहीं बढ़ पाते। eZizz इसी कमी को पूरा करने के उद्देश्य से बना है, ताकि हर इनोवेटिव आइडिया को एक सही लॉन्चपैड मिल सके।
eZizz की विशेषताएँ
- स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन: कोई भी स्टार्टअप या फाउंडर प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी कंपनी रजिस्टर कर सकता है।
- कम्युनिटी सपोर्ट: यूज़र्स वोट और कमेंट्स के जरिए स्टार्टअप्स को सपोर्ट कर सकते हैं।
- डिटेल्ड शोकेस: फाउंडर्स की जानकारी, स्टार्टअप स्टेज, इंडस्ट्री और फंडिंग स्टेटस एक ही जगह उपलब्ध होता है।
- समान कंपनियों की खोज: अन्य स्टार्टअप्स के साथ तुलना और नेटवर्किंग का अवसर।
दरअसल, उत्तराखंड जैसे राज्यों में स्टार्टअप्स के लिए संसाधन और एक्सपोज़र सीमित रहे हैं। ऐसे में eZizz उन युवाओं और उद्यमियों के लिए एक बड़ी उम्मीद है, जो अपने विचारों को देशभर में पहुँचाना चाहते हैं।
देहरादून से शुरू हुई यह पहल अब पूरे भारत में स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स के लिए “Definitive Launchpad” के रूप में उभर रही है। उद्यमशीलता की इस नई लहर के साथ, eZizz सिर्फ़ एक प्लेटफ़ॉर्म नहीं बल्कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का Catalyst बनने की ओर है।
अधिक जानकारी और रजिस्ट्रेशन के लिए विज़िट करें: https://ezizz.com/










मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)