बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार, यानी 17 जुलाई 2025, को पारस अस्पताल में घुस्कर अस्पताल को क्राइम ब्रांच बनाया गया। सुबह सुबह कुछ शूटर अस्पताल के अंदर घुसे और इलाज कराने आए एक व्यक्ति को गोली मार दी। इस घटना के बाद से पूरे अस्पताल और पटना में सनसनी मची हुई है। एसएसपी ने इस घटना की पुष्टि की है।
जानकारी के मुताबिक, गोली लगने वाले शक्स का नाम चंदन मिश्रा है, जो काफी पहले बक्सर में गोली मारने के अपराध में बेउर जेल में बंद था। लेकिन तबीयत खराब होने के कारण उस पैरोल पर बाहर निकाल दिया गया था और पारस अस्पताल में वो अपना इलाज कराने आया था।
लेकिन अब कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया जाता है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर कैसे कोई अपराधी सरेआम बंदूक हाथ में ले कर किसी मरीज को गोली मार सकता है? ऐसे तो कोई भी सुरक्षित नही है। हालाँकि पुलिस तुरंत ही जांच में लग गई है और शूटर्स की खोज-बीन जारी है। परंतु इस बात की ज़िम्मेदारी आखिर कौन लेगा की अगली बार ऐसा कुछ नही होगा? यह सवाल अस्पताल में सुरक्षा को लेकर भी उठाया जा रहा है।








मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)