Dehradun: शहर में चलने वाले विक्रम ऑटो वाहनों को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत के आदेश के बाद अब देहरादून में संचालित सभी विक्रम वाहनों में चालक को छोड़कर अधिकतम छह यात्रियों को ही बैठाने की अनुमति होगी। इस आदेश का उद्देश्य सड़कों पर बढ़ते हादसों पर लगाम लगाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह पाया कि विक्रम वाहन तय क्षमता से अधिक सवारियां ढो रहे हैं, जिससे न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ रही है। इसके बाद अदालत ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
अदालत के आदेश के अनुपालन में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण और आरटीओ कार्यालय ने विक्रम संचालकों को नोटिस जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार, चालक के बगल वाली सीट को पूरी तरह खाली रखना होगा। इसके लिए उस स्थान को लोहे की रॉड या शीट से बंद करना अनिवार्य किया गया है, ताकि वहां कोई यात्री न बैठ सके।
देहरादून शहर में इस समय करीब 784 विक्रम वाहन पंजीकृत हैं। अब तक इनमें कई वाहन चालक के अलावा आगे और पीछे मिलाकर तय सीमा से अधिक सवारियां बैठा रहे थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी विक्रम वाहनों को “छह यात्री और एक चालक” की श्रेणी में रखा गया है।
परिवहन विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई वाहन चालक या संचालक इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना, फिटनेस प्रमाणपत्र रद्द करने और परमिट निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से शहर की सड़कों पर भीड़भाड़ कम होगी और यात्रियों को पहले से अधिक सुरक्षित सफर मिल सकेगा।






