गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसे धराली गांव और आसपास के इलाकों में सोमवार देर रात बादल फटने से भयंकर तबाही मच गई। अचानक आई भीषण बारिश ने नाले और नदी को उफान पर ला दिया, जिसके साथ आए मलबे और पत्थरों ने कई घरों, दुकानों और होटलों को अपने साथ बहा दिया।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 70 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई ग्रामीणों और पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन खराब मौसम और रास्तों के बंद होने से राहत कार्य में बाधा आ रही है।
धराली और हर्षिल के बीच बहने वाले नालों में आए उफान ने पूरे इलाके को तहस-नहस कर दिया। 20 से ज्यादा मकान, कई होमस्टे और दुकानों के मलबे में तब्दील होने की खबर है। सड़कें टूट जाने से कई जगह संपर्क पूरी तरह कट गया है। राहत और बचाव कार्य में सेना, ITBP, NDRF और SDRF की टीमें लगी हुई हैं। अब तक 130 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। हेलिकॉप्टरों को चंडीगढ़ एयरबेस पर तैनात किया गया है, ताकि मौसम साफ होते ही उन्हें राहत कार्य में लगाया जा सके।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहत कार्यों की निगरानी और मदद के लिए केंद्र से टीम भेजने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने उत्तरकाशी समेत कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।







