उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। जहां एक तरफ राहत और बचाव कार्य में सुरक्षाबलों और प्रशासन की टीमें दिन-रात जुटी हैं, वहीं अब रास्ता खोलने के लिए चीन बॉर्डर से भारी मशीनरी को हवाई मार्ग से लाने की तैयारी की जा रही है। इसमें पोकलैंड (Pokland) मशीनों को हेलीपैड के जरिए प्रभावित इलाके में पहुंचाया जाएगा।
धराली और आसपास के क्षेत्रों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए BRO (सीमा सड़क संगठन) और PWD की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। हालांकि, भारी मलबा और बोल्डर हटाने के लिए सामान्य मशीनें पर्याप्त नहीं हैं। इसीलिए अब चीन सीमा पर तैनात पोकलैंड मशीनों को एयरलिफ्ट करके धराली लाया जा रहा है, ताकि सड़क को साफ किया जा सके और राहत सामग्री व टीमें सीधे गांव तक पहुंच सकें।
हवाई मदद की योजना
स्थानीय प्रशासन और सेना के सहयोग से विशेष हेलिकॉप्टर तैयार रखे गए हैं, जो जैसे ही मौसम साफ होगा, मशीनों को लेकर उड़ान भरेंगे। यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड में आपदा के दौरान भारी मशीनरी को हवाई मार्ग से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाना पड़ा हो, लेकिन धराली जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
सेना, ITBP, NDRF और SDRF की टीमें लगातार लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं। अब तक दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां अब भी टीमों की पहुंच नहीं हो पाई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और किसी भी अफवाह से बचें। प्रभावित क्षेत्र की ओर न बढ़ें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।







