उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश रुकने का नाम नही ले रही है। इससे जन जीवन पर पूरी बुरी तरह से प्रभाव पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में बारिश के चलते प्रदेश में 100 से अधिक सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। एक बार फिर चारधाम यात्रा बाधित हो गई है, विशेष रूप से केदारनाथ मार्ग पर हालात बेहद चिंताजनक हैं।
सोमवार देर रात रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर मंकटिया के पास बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। भारी पत्थरों और मलबे के कारण मार्ग को साफ करने में समय लग रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से फिलहाल यात्रा स्थगित करने की अपील की है।
इस बीच, मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने 8 जिलों में सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA) के अनुसार, अब तक कहीं कोई जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी मिल रही है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं।
स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति सामान्य होने तक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचें। साथ ही, केवल आधिकारिक सूचना मिलने पर ही यात्रा शुरू करें। चारधाम यात्रा से जुड़े होटल, धर्मशालाएं और परिवहन सेवाएं भी फिलहाल ठप हैं, जिससे हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।







