उत्तराखंड के मसूरी में से स्थित पहाड़ों की चोटी पर बसा भद्राज मन्दिर में अब श्रद्धालुओ को अमर्यादित कपड़े पहन कर प्रवेश करना साफ साफ प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस निर्णय को मन्दिर समिति ने लिया है। साथ ही उन्होंने यह भी निर्णय लिया है कि अगर कोई भी व्यक्ति बेढंगे कपड़ो में आते हैं तो मन्दिर समिति उन्हें धोती पहनने को देगी। यह बात काफी अजीब है कि भारतीय लोग वेस्टर्न कल्चर की तरफ इतने प्रभावित हो गए हैं कि उन्हें यह तक पता नही चलता वो कहाँ क्या पहन रहे हैं। मन्दिर जैसे पवित्र स्थानों पर नंगपन दर्शाने वाले कपड़ों को प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए।

आपको बता दें कि भद्राज मन्दिर मसूरी से 10 किलोमीटर की दूरी पर 7,267 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस मन्दिर में प्रत्येक वर्ष काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। हर वर्ष 16 व 17 जुलाई को इस मन्दिर में मेला भी लगाया जाता है। यह मन्दिर श्री कृष्ण के बड़े भ्राता बलराम के नाम पर स्थापित किया गया है। इस मन्दिर में आपको भगवान बलभद्र के दर्शन के साथ ही बहुत ही सुंदर और मनमोहक दृश्य भी देखने को मिलता है।

भद्राज मन्दिर समिति के अध्यक्ष राजेश नौटियाल ने यह बताया कि यह निर्णय सभी समिति के सदस्यों ने मिलकर लिया है। इस निर्णय के अंतर्गत जो व्यक्ति छोटे कपड़े, फटी जीन्स, नाईट सूट, मिनी स्कर्ट, या ऑफ पैंट्स या टॉप पहन कर आते हैं उन्हे मन्दिर में बिलकुल भी एंट्री नही दी जाए और उन्हे धोती प्रदान की जाए।








