उत्तराखंड के धराली गाँव में अचानक बादल फटने से उत्पन्न हुई मास्टर फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। यमुना घाटी की खीरगंगा नदी में अचानक आयी बाढ़ ने गांव को जमींदोज कर दिया। घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार अब तक कम से कम 4 लोग मर चुके हैं, जबकि 100 से अधिक लोग लापता माने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट पर बताया कि आज सुबह से हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो चुका है। खराब मौसम के बावजूद बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुँचाया जा रहा है। सेना, NDRF, SDRF, ITBP और स्थानीय प्रशासन की टीमें मिलकर राहत कार्य में जुटी हैं। अब तक लगभग 200 लोग सुरक्षित निकाल लिए गए, लेकिन कई लोग अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
विपदा का कारण और मौजूदा स्थिति
5 अगस्त 2025 को आई इस आपदा की जड़ एक तीव्र बादल फटने (cloudburst) में है, जिसने कई स्थानों पर मलबा व पानी का विशाल बहाव लेकर देखा गया। IMD ने 10 अगस्त तक भारी बारिश के अतिरिक्त अलर्ट जारी कर रखा है, जिससे क्षेत्र खर्ची पात्र है। धराली गाँव, जो गंगोत्री यात्रा का मार्ग है, 1,150 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित है और यात्रियों की आवाजाही के चलते प्रभावित हुआ है। नदीतटीय इलाकों में दर्ज किए गए दृश्यात् मलबे की गहराई 15 मीटर तक पहुंची है, जिससे कई घर, होटल व दुकानें मलबे से लथपथ हो गईं।







