अल्मोड़ा के बेस अस्पताल और महिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से अल्ट्रासाउंड जांच पूरी तरह ठप है, जिससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेडियोलॉजिस्ट की अनुपलब्धता के चलते यह समस्या पैदा हुई है।
गुरुवार को दर्जनों महिलाएं जांच के लिए अस्पताल पहुँचीं, लेकिन तकनीकी सेवाएं उपलब्ध न होने के कारण उन्हें मायूस लौटना पड़ा। कुछ महिलाओं को घंटों लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन अंत में उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि अभी अल्ट्रासाउंड संभव नहीं है।
महिला अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी कि यहां के रेडियोलॉजिस्ट 11 अगस्त से सेवाएं बहाल करेंगे, जबकि बेस अस्पताल में 18 अगस्त से अल्ट्रासाउंड जांच दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। तब तक सभी मरीजों को असुविधा सहनी पड़ेगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान समय पर अल्ट्रासाउंड जांच न हो पाना माँ और शिशु दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। यदि समय पर भ्रूण की स्थिति, विकास या कोई जटिलता पकड़ में न आए, तो इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि या तो अस्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की जाए या वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए ताकि ज़रूरतमंद महिलाओं को राहत मिल सके।









