79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए संविधान, लोकतंत्र और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “हमारा संविधान और हमारा लोकतंत्र ही हमारी असली पहचान हैं, और इन्हें सर्वोपरि रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।”
राष्ट्रपति ने अपने भाषण में देश की मजबूत अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भरता के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नागरिकों से स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को अपनाने का आग्रह किया, ताकि देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।
अपने संबोधन में उन्होंने किसानों, जवानों, वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और उद्यमियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि ये सभी मिलकर भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता दिवस सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि यह याद दिलाने का दिन है कि आज़ादी के लिए हमारे पूर्वजों ने कितनी कुर्बानियां दीं। उन्होंने युवाओं से देश निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
भाषण का समापन राष्ट्र के लिए एक प्रेरक संदेश के साथ हुआ—कि हम सभी मिलकर भारत को एक मजबूत, समावेशी और आत्मनिर्भर राष्ट्र बना सकते हैं।







