देहरादून। उत्तराखंड में हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना राजनीतिक वर्चस्व साबित कर दिया है। प्रदेश की 12 में से 10 जिला पंचायत अध्यक्ष की सीटें भाजपा के खाते में गईं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ देहरादून में जीत मिली।
चुनाव परिणामों के मुताबिक, भाजपा ने कई जिलों में बिना मुकाबले भी अध्यक्ष पद अपने नाम किया। दूसरी ओर, देहरादून में कांग्रेस ने 13 जिला पंचायत सदस्यों के साथ चुनावी मैदान में उतरते हुए चार निर्दलीयों का समर्थन हासिल किया, जिसके दम पर उन्होंने जीत दर्ज की।
इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका बेहद अहम रही। कुल 358 जिला पंचायत सदस्य पदों में से 145 सीटों पर निर्दलीयों ने जीत हासिल की। कई जगहों पर उनकी मौजूदगी ने चुनावी समीकरण बदल दिए और भाजपा व कांग्रेस दोनों के लिए परिणाम तय करने में निर्णायक साबित हुई।
हरिद्वार जिले में इस बार पंचायत चुनाव नहीं हुए, जबकि नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद का परिणाम अभी घोषित होना बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नतीजों से भाजपा की मजबूत पकड़ का संकेत मिलता है, लेकिन निर्दलीयों की बढ़ती ताकत आने वाले समय में सत्ता समीकरणों को चुनौती दे सकती है।







