शाम ढलते ही चमोली के थराली कस्बे में अचानक बारिश का कहर टूट पड़ा, एक जलनिकास नाले का जलस्तर अचानक बढ़ा और मलबे सहित पानी मकानों, दफ्तरों और दुकानों में घुस गया। एक मकान पूरी तरह से मलबे में दफ़न हो गया और एक व्यक्ति अब तक लापता है। प्रशासन और राहत दलों की टीमें ज़मीन पर जुटी हैं, और बचाव प्रयासों में देरी नहीं हो रही।
विस्तार:
- तहसील कार्यालय भी मलबे की चपेट में आया, लेकिन राहत सतर्कता के तहत SJVN और GMVN की भवनों को आपातकाल में राहत और शरण स्थलों के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत रूप से घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रभावितों के साथ संवाद किया।
- प्रशासन ने परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और प्रभावितों को तत्काल सहायता मुहैया कराने की व्यवस्था की है।
इस त्रासदी ने एक बार फिर याद दिलाया कि बारिश और प्राकृतिक आपदा कितनी अप्रत्याशित हो सकती है। इसके बावजूद, राहत कार्यों की त्वरित शुरुआत और सरकारी तत्परता ने प्रभावितों में आशा की किरण जगाई है। प्रार्थना है कि लापता व्यक्ति जल्दी सुरक्षा के साथ मिल जाए और राहत-कार्य निर्बाध रूप से जारी रहे।







