1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। महानगर कार्यकारिणी सदस्य अमनदीप सिंह बत्रा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने दंगा पीड़ित परिवारों के जख्मों पर कभी मरहम लगाने का काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दंगों से जुड़े आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिया और इससे सिख समाज की भावनाएं लगातार आहत हुईं।
बत्रा ने कहा कि 1984 में सिख समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा देश के इतिहास का बेहद दर्दनाक अध्याय है। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कहा कि दंगों में अपने परिवार और करीबियों को खोने वाले लोगों के जख्म आज भी पूरी तरह नहीं भरे हैं। ऐसे में दंगों से जुड़े लोगों को राजनीतिक मंचों पर सम्मान या समर्थन मिलने से पीड़ित परिवारों की भावनाएं आहत होती हैं।
सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर पर सवाल
अमनदीप बत्रा ने 1984 दंगों से जुड़े कांग्रेस नेताओं सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर का जिक्र करते हुए कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी लंबे समय तक दंगों से जुड़े नेताओं के प्रति नरम रुख अपनाती रही। बत्रा के मुताबिक, गंभीर आरोपों से जुड़े नेताओं को राजनीतिक संरक्षण मिलने से पीड़ित परिवारों के बीच गलत संदेश गया।
पीड़ितों की भावनाओं का सम्मान जरूरी
बत्रा ने कहा कि 1984 की घटनाओं को केवल राजनीतिक मुद्दे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह उन परिवारों के दर्द और न्याय की उम्मीद से जुड़ा मामला है, जिन्होंने उस दौर में अपने लोगों को खोया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवारों की भावनाओं और न्याय की उम्मीद का सम्मान करना चाहिए।



