देश के रेलवे नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाले बल्लारी–गुंटकल रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर लगभग 1,264 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार के अनुसार, इस रेल परियोजना के पूरा होने से दोनों राज्यों के बीच रेल संपर्क बेहतर होगा और माल एवं यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक तेज़ और सुचारु हो सकेगा। परियोजना के तहत करीब 46 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा।
इस परियोजना के वर्ष 2028-29 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने के बाद क्षेत्र के 99 गांवों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, जिससे लगभग 7 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों के लिए यात्रा आसान होगी और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
रेल मंत्रालय का कहना है कि नई लाइनों के बनने से इस मार्ग पर माल ढुलाई की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अनुमान है कि अतिरिक्त 16.22 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) माल परिवहन की क्षमता विकसित होगी, जिससे उद्योगों, कृषि और व्यापार को भी लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना दक्षिण भारत के रेल नेटवर्क को अधिक सक्षम बनाएगी और बढ़ते यात्री व माल परिवहन के दबाव को कम करने में मदद करेगी। साथ ही, यह केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के विजन को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।
रेल संपर्क के विस्तार से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।






