उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में हाल ही में हुए तलवारबाजी विवाद के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है, जहां कुछ निहंग सिखों पर दो गुरुद्वारों में जबरन कब्जा करने और हंगामा करने के आरोप लगे हैं। प्रशासन ने हालात को देखते हुए कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और कर्णप्रयाग में 27 जून तक धारा 163 लागू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में कुछ निहंग पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। गुरुद्वारा प्रबंधन का आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज, मारपीट और तोड़फोड़ करते हुए गुरुद्वारे पर कब्जा करने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि कुछ लोग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और वहां से पत्थरबाजी की आशंका के चलते पुलिस और आईटीबीपी ने इलाके की घेराबंदी कर दी।
बताया जा रहा है कि निहंग अपने उन साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं जिन्हें 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई तलवारबाजी की घटना के बाद गिरफ्तार किया गया था। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की। इस दौरान बंधक बनाए जाने की भी खबरें सामने आईं, हालांकि बाद में एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ आईटीबीपी जवानों की तैनाती की गई। अधिकारियों का कहना है कि चारधाम यात्रा को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से फोन पर बात कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।







