उत्तराखंड के देहरादून जिले में इन दिनों तीन हजार पेड़ों के कटान का मुद्दा गर्माया हुआ है. देहरादून जिले में भानियवाला से ऋषिकेश के बीच सात मोड़ पर सड़क चौड़ीकरण और पेड़ कटान को लेकर जारी विरोध के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव पंकज पांडे का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसी जल्दबाजी या अचानक लिए गए फैसले का परिणाम नहीं है, बल्कि सभी कानूनी और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद इसे आगे बढ़ाया जा रहा है.
सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडे ने कहा कि किसी भी सड़क निर्माण परियोजना में यदि वन भूमि का अधिग्रहण या उपयोग किया जाता है, तो उसकी प्रक्रिया वन संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी की जाती है. इसके साथ ही भारत सरकार की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों और नियमों का भी पालन किया जाता है.
सात मोड़ सड़क चौड़ीकरण परियोजना को भी इन्हीं निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ाई गई है. देहरादून-ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण के लिए सबसे पहले वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की गई थी. परियोजना को लेकर कई लोगों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं. यह मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था और विभिन्न पक्षों की ओर से परियोजना से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए थे.
जब यह मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो आपत्तिकर्ताओं द्वारा पर्यावरणीय प्रभाव, वन क्षेत्र पर असर और अन्य संबंधित पहलुओं को लेकर अपनी चिंताएं न्यायालय के समक्ष रखी गई थीं. विभाग की ओर से भी सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए. न्यायालय ने विभाग द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और जवाबों पर संतोष व्यक्त किया था, जिसके बाद परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ी.







